कर्मों का देवता
Instant access Secure payment PDF · 89 pages
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क्या होगा अगर तुम्हारे कर्म तुम्हारे सामने आ जाएँ? “कर्मों का देवता” एक रहस्यमयी और भावनात्मक हिंदी कथा है, जिसमें आरव की जिंदगी एक रहस्यमयी काली किताब के आने के बाद बदल जाती है। यह किताब उसके अतीत के कर्मों, गलतियों और फैसलों का आईना बन जाती है। धीरे-धीरे आरव समझता है कि कर्म केवल सजा नहीं होते, बल्कि इंसान को बदलने और सही रास्ता चुनने का अवसर भी देते हैं। रहस्य, भावनाओं, आध्यात्मिक विचारों और आत्मचिंतन से भरी यह कहानी आपको अपने कर्मों और फैसलों के बारे में सोचने पर मजबूर करेगी। भाषा : हिंदी प्रकार: आध्यात्मिक रहस्य एवं भावनात्मक कथा फॉर्मेट: PDF eBook
Topics covered
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- अध्याय 1. — वह रात
- अध्याय 2 — कर्मों की परछाइयाँ
- अध्याय 3. — लौटते हुए कर्मण
- अध्याय 4. — एक र्मौका
- अध्याय 5 — कर्मों का असर
- अध्याय 6 — कर्मों की रोििी
- अध्याय 7 — तर्म
- अध्याय 8 — अपिा हहसाब
- अध्याय 9 — दे वांि
- अध्याय 10. — दे वता कौि था?
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Details
- Format
- PDF · 89 pages
- Pages
- 89 pages
- Language
- Hindi
- Size
- 6.1 MB
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- Kirti thakur
- Published
- 9 September 2026









