दीपावली की वह खौफनाक रात, चार दोस्त व पुराना स्कूल भवन — एक डरावनी कहानी
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👻 दीपावली की वह खौफनाक रात चार दोस्त व पुराना स्कूल भवन — एक डरावनी कहानी लेखक: दिनेश कुमार 🕯️ क्या आप रहस्यों और डरावनी कहानियों के शौकीन हैं? दीपावली… रोशनी, खुशियों और उत्सव का त्योहार! लेकिन क्या हो अगर इसी रोशनी भरी रात में किसी पुराने स्कूल भवन के भीतर अंधेरे का ऐसा रहस्य छिपा हो, जो आपकी रूह तक कंपा दे? एक पुराना स्कूल भवन, रहस्यमयी सन्नाटा, अनजानी आहटें और एक ऐसी डरावनी रात, जिसे भुलाना आसान नहीं होगा। इस कहानी में रोमांच, रहस्य, भय और अप्रत्याशित घटनाओं का ऐसा संगम है, जो आपको शुरुआत से लेकर आखिरी पन्ने तक बांधे रखेगा। 📖 कहानी की खास बातें - पुराना और रहस्यमयी स्कूल भवन। - दीपावली की रात का डरावना माहौल। - अनजानी आवाजें और रहस्यमयी घटनाएँ। - हर मोड़ पर बढ़ता रोमांच और सस्पेंस। - अप्रत्याशित घटनाक्रम और चौंकाने वाला अनुभव। 🎯 यह कहानी किसके लिए है? - Horror और Thriller Stories पसंद करने वाले पाठकों के लिए। - रहस्य और रोमांच के शौकीनों के लिए। - युवाओं और कहानी प्रेमियों के लिए। - उन पाठकों के लिए जो डरावनी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं। 👨💻 लेखक परिचय दिनेश कुमार लेखक दिनेश कुमार शिक्षा जगत से जुड़े एक अनुभवी शिक्षाविद् एवं लेखक हैं। उनकी रुचि शिक्षा, साहित्य, रचनात्मक लेखन और ज्ञानवर्धक सामग्री के निर्माण में है। 📦 PRODUCT DETAILS - Title: दीपावली की वह खौफनाक रात - Subtitle: चार दोस्त व पुराना स्कूल भवन - Genre: Horror / Mystery / Thriller - Author: दिनेश कुमार - Format: Digital E-Book (PDF) - Language: हिंदी - Price: ₹50/- 📲 डिजिटल ई-बुक के फायदे - भुगतान के बाद डिजिटल रूप में प्राप्त करें। - मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर पढ़ें। - कभी भी और कहीं भी पढ़ने की सुविधा। - बिना किसी भौतिक पुस्तक के इंतजार के पढ़ना शुरू करें। नोट: यह एक डिजिटल PDF पुस्तक है। कोई भौतिक पुस्तक डिलीवर नहीं की जाएगी। 🔥 क्या आप उस खौफनाक रात का रहस्य जानने की हिम्मत रखते हैं? रोशनी के त्योहार में छिपे अंधेरे के उस रहस्य को जानने के लिए तैयार हो जाइए! 📘 पढ़िए, महसूस कीजिए और रोमांच की दुनिया में खो जाइए! लेखक: दिनेश कुमार
Topics covered
Headings from inside this PDF (24 pages in total).
- अध्याय 1 — खेजड़ला की दीवाली
- अध्याय 2 — रे त के रास्ते, परु ाने गेट तक
- अध्याय 3 — भीतर का अँधेरा
- अध्याय 4 — बंद कक्षा, परु ाना रजिस्टर
- अध्याय 5 — हाज़िरी
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Details
- Format
- PDF · 24 pages
- Pages
- 24 pages
- Language
- Hindi
- Size
- 3.5 MB
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- 30 days from purchase
- Sold by
- Dinesh Kumar
- Published
- 8 November 2026



